रामप्रवेश गुप्ता

खड़ी फसल प्रभावित होने पर ग्रामीणों का विरोध, पुलिस ने समझाकर खुलवाया जाम; सीमांकन व निष्पक्ष कार्रवाई की मांग ।।
बीजपुर (सोनभद्र) बैढ़न मोड़ से बीजपुर के सिरसोती तक रविवार को वन विभाग की टीम ने सड़क किनारे अतिक्रमण के खिलाफ सघन अभियान चलाया। जेसीबी और कर्मचारियों के साथ पहुंची टीम ने चिन्हित स्थानों पर कार्रवाई करते हुए कथित अतिक्रमण हटाया और वन भूमि को खाली कराया। कार्रवाई के दौरान कुछ ग्रामीणों की खड़ी फसल प्रभावित होने की बात सामने आने पर मामला गरमा गया और ग्रामीणों ने विरोध में सड़क जाम कर दिया। इससे सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई और काफी देर तक आवागमन बाधित रहा।
ग्रामीण राम भोग गुप्ता, इंद्रावती, जीवन लाल, मुन्नी देवी, सुनीता देवी, रविता, राजू पनिका, देव कुमार, राम धनी, भोला वर्मा, राम प्रवेश, अजय गुप्ता और मुन्ना सिंह समेत अन्य ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि अतिक्रमण हटाने से पूर्व उन्हें किसी प्रकार का नोटिस अथवा सूचना नहीं दी गई। ग्रामीणों का कहना था कि अचानक जेसीबी और कर्मचारियों के साथ पहुंचकर कार्रवाई की गई, जिससे उनकी खड़ी फसलों को नुकसान पहुंचा है। उन्होंने कहा कि खेती ही उनके परिवारों की आजीविका का प्रमुख साधन है, ऐसे में फसल प्रभावित होने से उन्हें आर्थिक क्षति उठानी पड़ रही है।
ग्रामीणों ने अभियान के दौरान पेड़ों को काटे जाने पर भी सवाल उठाए। उनका कहना था कि यदि संबंधित भूमि वन विभाग की है तो पहले उसका विधिवत सीमांकन कराया जाए और सीमा स्पष्ट करने के बाद तारबंदी कर वन भूमि को सुरक्षित किया जाए, ताकि भविष्य में अतिक्रमण की स्थिति उत्पन्न न हो। ग्रामीणों ने कार्रवाई में भेदभाव का आरोप लगाते हुए कहा कि बाजार क्षेत्र में भी कई स्थानों पर अतिक्रमण मौजूद है, लेकिन वहां कार्रवाई नहीं की जा रही है। उनका आरोप था कि गरीब और कमजोर लोगों को ही कार्रवाई के लिए निशाना बनाया जा रहा है।
सड़क जाम की सूचना मिलते ही बीजपुर पुलिस मौके पर पहुंची। थाना प्रभारी राजेश कुमार सिंह ने ग्रामीणों को समझाकर शांत कराया तथा दोनों पक्षों की बात सुनने के लिए सुबह 11 बजे थाने पर बातचीत का समय निर्धारित किया। थाना प्रभारी ने आपसी सहमति से उचित समाधान कराने का आश्वासन दिया। इसके बाद ग्रामीणों ने जाम समाप्त कर दिया और मार्ग पर यातायात सुचारु हो सका।
वहीं, वन विभाग के रेंजर सुधीर कुमार सिंह ने बताया कि यह कार्रवाई विभागीय अभियान का हिस्सा है और क्षेत्र में अतिक्रमण हटाने एवं सफाई का अभियान चलाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि कार्रवाई का उद्देश्य वन भूमि को सुरक्षित करना है। जल्द ही कंटीले तार से फेंसिंग कर जंगल की भूमि को सुरक्षित कराया जाएगा। रेंजर ने स्पष्ट किया कि विभाग की कार्रवाई का किसी काश्तकार से विवाद नहीं है।
फिलहाल ग्रामीणों ने भूमि के सीमांकन, कार्रवाई से प्रभावित फसलों के नुकसान तथा अभियान में निष्पक्षता बरतने की मांग उठाई है। अब थाने में होने वाली दोनों पक्षों की बातचीत के बाद मामले के समाधान की उम्मीद जताई जा रही है।










