उपेंद्र तिवारी
दुद्धी (सोनभद्र)। स्वच्छ भारत मिशन को ठेंगा दिखाते हुए विकास खंड दुद्धी के अंतर्गत ग्राम पंचायत धनौरा से एक गंभीर मामला सामने आया है। यहाँ कागजों पर तो शौचालय निर्माण का कार्य पूरा दिखाकर पूरा पेमेंट (भुगतान) निकाल लिया गया है, लेकिन धरातल पर सच्चाई इसके बिल्कुल उलट है। ग्रामीणों का आरोप है कि धरातल पर आज भी शौचालय अधूरे पड़े हैं, जिससे सरकार की मंशा पर पानी फिर रहा है। इस भ्रष्टाचार और लापरवाही को लेकर ग्रामीणों में भारी आक्रोश है और उन्होंने संबंधित अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं।
तस्वीरों में साफ देखा जा सकता है कि निर्मित किए जा रहे सामुदायिक या व्यक्तिगत शौचालय का ढांचा अभी भी आधा-अधूरा है। दीवारों पर न तो प्लास्टर का काम पूरी तरह मुकम्मल हुआ है और न ही दरवाजे, शीट या टैंक की सही व्यवस्था की गई है। इसके बावजूद, जिम्मेदारी निभाने वाले अधिकारी और ग्राम प्रधान इस मामले पर पूरी तरह मौन साधे हुए हैं।

ग्रामीणों में भारी आक्रोश, उठाए गंभीर सवाल
धनौरा गाँव के स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि जब सरकार की तरफ से पूरी राशि जारी कर दी गई है, तो फिर काम को बीच में ही क्यों छोड़ दिया गया? ग्रामीणों ने सीधे तौर पर जिम्मेदारों पर मिलीभगत और वित्तीय अनियमितता (भ्रष्टाचार) का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि इस अधूरे निर्माण के कारण लोगों को आज भी खुले में शौच जाने को मजबूर होना पड़ रहा है, जो कि सीधे तौर पर स्वच्छ भारत अभियान की धज्जियां उड़ाने जैसा है।









