सोनभद्र के रॉबर्ट्सगंज थाना क्षेत्र में स्क्रैप लदे ट्रक को फर्जी दस्तावेजों के आधार पर कब्जे में लेकर मिर्जापुर ले जाने और फिर ट्रक को कटवाकर उसके कल-पुर्जे अलग-अलग करने के मामले का पुलिस ने खुलासा किया है। पुलिस के मुताबिक बरगवां, सिंगरौली से करीब 25 टन स्क्रैप आयरन लेकर ट्रक चुनार, मिर्जापुर के लिए रवाना हुआ था। रास्ते में चालक को ट्रक से उतारकर वाराणसी भेज दिया गया और इसके बाद स्क्रैप लदे ट्रक का कोई पता नहीं चला। मामले में रॉबर्ट्सगंज थाने में मुकदमा दर्ज कर पुलिस ने जांच शुरू की।Vo: जांच के दौरान पुलिस ने सीडीआर, एसडीआर, तकनीकी विश्लेषण, सीसीटीवी फुटेज और ट्रक के रूट की पड़ताल की। जांच में सामने आया कि स्क्रैप लदे ट्रक को योजना बनाकर मिर्जापुर ले जाया गया, जहां पहले ट्रक में लदे स्क्रैप को बेच दिया गया और इसके बाद ट्रक को कबाड़ गोदाम में कटवा दिया गया।
मामले की जांच आगे बढ़ी तो रॉबर्ट्सगंज पुलिस और एसओजी की टीम ने मिर्जापुर में पीएसी 39वीं वाहिनी के गेट नंबर दो के सामने स्थित कबाड़ गोदाम पर दबिश दी। यहां से धीरज यादव, भरत लाल उर्फ बल्ला साहू और आकाश गुप्ता को गिरफ्तार किया गया। पुलिस के मुताबिक मौके से 5 लाख रुपये नकद, करीब 15 लाख रुपये कीमत के ट्रक के कटे हुए कल-पुर्जे और अवशेष, चार मोबाइल फोन और बिना नंबर की काले रंग की TVS Sport मोटरसाइकिल बरामद हुई है।
पुलिस के अनुसार बरामद नकदी में भरत लाल के कब्जे से 4 लाख रुपये, जबकि धीरज यादव और आकाश गुप्ता के कब्जे से 50-50 हजार रुपये मिले हैं। बरामद ट्रक के कटे हिस्सों और चेसिस पहचान चिन्हों की वाहन स्वामी से पहचान भी कराई गई है। पुलिस ने मुकदमे में संबंधित धाराओं की बढ़ोतरी करते हुए आगे की जांच शुरू कर दी है।
पूछताछ में आरोपियों ने पुलिस को बताया कि स्क्रैप की खरीद-फरोख्त और ट्रक कटवाने की योजना में कई लोग शामिल थे। वहीं बरामद चार मोबाइल फोन को पुलिस ने इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य के तौर पर कब्जे में लिया है और इनमें मौजूद बातचीत तथा अन्य डिजिटल साक्ष्यों की जांच की जा रही है। पुलिस अब नीरज यादव और उमाकांत यादव समेत अन्य संदिग्धों की भूमिका की भी पड़ताल कर रही है।












