
म्योरपुर/पंकज सिंह
स्थानीय विकासखंड क्षेत्र के ग्राम पंचायत बलियरी, बभनडीहा और भलुही के किसानों एवं स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को रविवार को ट्रे नर्सरी प्रबंधन विधि का प्रशिक्षण दिया गया। विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय, भारत सरकार के कृषि वैज्ञानिक एवं बीएचयू वाराणसी के डॉ. रामस्वरूप मीणा के निर्देशन में आयोजित प्रशिक्षण में पौध नर्सरी विशेषज्ञ रामकुमार ने किसानों को आधुनिक तरीके से पौध तैयार करने की विधि प्रयोगात्मक रूप से समझाई।
प्रशिक्षक रामकुमार ने बीज उपचार से लेकर कोकोपिट व अन्य सामग्री का मिश्रण तैयार करने, ट्रे में मिक्सर भरने और निर्धारित तरीके से बीज की बुवाई करने की प्रक्रिया करके दिखाई। उन्होंने बताया कि पौध को आवश्यकता के अनुसार पानी देने के लिए स्प्रे विधि का प्रयोग करना चाहिए, जिससे बीज और पौध को नुकसान न हो।
उन्होंने बताया कि ट्रे नर्सरी विधि से करीब 90 प्रतिशत तक पौध तैयार होने की संभावना रहती है। इससे किसानों को कम मात्रा में बीज की आवश्यकता होती है और पौध की देखभाल में भी कम लागत आती है। तैयार पौध को एक स्थान से दूसरे स्थान तक ले जाने, पैकिंग और परिवहन में भी सुविधा होती है। उन्होंने किसानों से पारंपरिक तरीके के साथ आधुनिक नर्सरी तकनीक को अपनाकर लागत कम करने और बेहतर पौध तैयार करने की अपील की।प्रशिक्षण में ग्राम प्रधान संत कुमार, फील्ड वर्कर रामाशंकर, किसान महिपत सिंह, रामसिंह, रामसरन, लालचंद, रामा, शांति देवी, राजकुमारी सहित बड़ी संख्या में किसान और समूह की महिलाएं मौजूद रहे










