उपेंद्र तिवारी

दुद्धी, सोनभद्र। तहसील क्षेत्र के कुछ सरकारी कार्यालयों में तैनात जिम्मेदार अधिकारियों एवं कर्मचारियों द्वारा कार्यालय परिसर में गुटखा, जर्दा व तंबाकू का सेवन किए जाने की चर्चा इन दिनों आम है। फरियाद लेकर अथवा किसी सरकारी कार्य से कार्यालय पहुंचने वाले लोगों के सामने ही कुछ अधिकारी व कर्मचारी गुटखा में जर्दा मिलाते और उसको खाते नजर आते हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि सरकारी कार्यालयों में आने वाले फरियादियों के लिए अधिकारी-कर्मचारी आदर्श व्यवहार प्रस्तुत करें, लेकिन कुछ कार्यालयों में तंबाकू सेवन को लेकर लापरवाही देखने को मिल रही है। कई बार फरियादियों को ऐसा महसूस होता है कि कार्यालय में बैठकर गुटखा-तंबाकू का सेवन करना अधिकारियों के लिए सामान्य बात बन गई है।
प्रबुद्धजनों ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी का ध्यान आकृष्ट कराया है। उन्होंने सरकारी कार्यालयों में तंबाकू, गुटखा और जर्दा के सेवन पर प्रभावी रोक लगाने तथा नियमों की अनदेखी करने वाले अधिकारियों एवं कर्मचारियों पर कार्रवाई किए जाने की मांग की है।
गौरतलब है कि सार्वजनिक स्थानों और सरकारी कार्यालयों में तंबाकू सेवन को लेकर शासन स्तर से पहले ही दिशा-निर्देश जारी किए जा चुके हैं। ऐसे में सवाल उठता है कि यदि नियम आम लोगों के लिए लागू हैं तो सरकारी कार्यालयों में जिम्मेदार अधिकारियों एवं कर्मचारियों द्वारा उनका पालन क्यों नहीं कराया जा रहा है।
स्थानीय नागरिकों ने जिलाधिकारी से सरकारी कार्यालयों का औचक निरीक्षण कराकर तंबाकू सेवन पर प्रभावी अंकुश लगाने की मांग की है, ताकि कार्यालयों में स्वच्छ, अनुशासित और गरिमापूर्ण वातावरण कायम रह सके।










