सोनभद्र। मिर्जापुर के अहरौरा थाना क्षेत्र के भगवती देई स्थित प्लांट में हुए दर्दनाक हादसे ने सोनभद्र के जुगैल थाना क्षेत्र के बड़गावां गांव में चार परिवारों की खुशियां छीन लीं। हादसे में जान गंवाने वाले चारों मजदूरों के शव पोस्टमार्टम के बाद गांव पहुंचे तो हर आंख नम हो गई। एक साथ चार शव गांव पहुंचने से पूरे गांव में चीख-पुकार मच गई। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल रहा।
भगवती देई स्थित प्लांट में फाउंडेशन समेत मकान और रैंप का एक हिस्सा अचानक जमीन में धंस गया था। हादसे के समय नीचे कई लोग मौजूद थे। मलबे में दबने से चार मजदूरों की मौत हो गई थी। चारों मृतक सोनभद्र के जुगैल थाना क्षेत्र के बड़गावां गांव के रहने वाले थे।
पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद चारों शव गांव लाए गए। शवों के पहुंचते ही परिवार के लोगों की चीख-पुकार से माहौल गमगीन हो गया। किसी परिवार ने अपना बेटा खोया तो किसी ने अपना सहारा। हादसे ने चार परिवारों को ऐसा जख्म दिया है, जिसे भर पाना आसान नहीं होगा।
मृतक अशोक के परिवार पर सबसे बड़ा संकट टूट पड़ा है। बताया गया कि घटना से एक दिन पहले ही अशोक काम के लिए गए थे। उनके परिवार में दो बेटियां और दो बेटे हैं। पिता की मौत के बाद चारों बच्चों के सिर से पिता का साया उठ गया है। परिवार की जिम्मेदारी संभालने वाले अशोक की मौत ने बच्चों और परिजनों को गहरे सदमे में डाल दिया है।
गांव में अंतिम संस्कार की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। चारों मृतकों में तीन का अंतिम संस्कार हिंदू रीति-रिवाज से शवों को अग्नि देकर किया गया, जबकि अशोक के शव को दफनाया गया। अंतिम संस्कार के दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीण और परिजन मौजूद रहे। चारों परिवारों के घरों में अब भी मातम पसरा हुआ है।
एक साथ चार शवों के गांव पहुंचने और फिर अंतिम संस्कार होने के बाद बड़गावां गांव में सन्नाटा पसरा है। हादसे की दर्दनाक तस्वीर अब मिर्जापुर के प्लांट से निकलकर सोनभद्र के इस गांव के चार घरों तक पहुंच चुकी है, जहां एक साथ चार परिवारों की खुशियां हमेशा के लिए छिन गईं।











