
लखनऊ/सोनभद्र। किसान उत्पादक संगठनों (एफपीओ/एफपीसी) को व्यावसायिक रूप से सशक्त बनाने, किसानों के उत्पादों को बाजार उपलब्ध कराने और ग्रामीण उद्यमिता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से तेजस्वी किसान मार्ट ने 4 नवंबर को ओडिशा के विभिन्न जिलों के एफपीओ प्रतिनिधियों के साथ राज्यस्तरीय ऑनलाइन संगोष्ठी आयोजित की। इसमें 53 प्रतिभागियों एवं संस्थागत प्रतिनिधियों ने सहभागिता की।
तेजस्वी संगठन न्यास के संस्थापक एवं तेजस्वी किसान मार्ट के संस्थापक ई. प्रकाश पाण्डेय ने संगोष्ठी में एफपीओ के आर्थिक सशक्तीकरण और किसानों को उद्यमी बनाने का रोडमैप प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा कि एफपीओ को केवल पंजीकृत संस्था बनकर नहीं रहना चाहिए, बल्कि उन्हें उत्पादन, प्रसंस्करण, ब्रांडिंग, विपणन और वितरण के क्षेत्र में सक्रिय व्यावसायिक संस्थान के रूप में विकसित होना होगा। किसानों की वास्तविक आर्थिक उन्नति के लिए उन्हें बाजार और व्यापार से सीधे जोड़ना आवश्यक है।
उन्होंने बताया कि तेजस्वी किसान मार्ट लगभग 8,000 एफपीओ/एफपीसी के नेटवर्क से जुड़कर कार्य कर रहा है। पिछले लगभग एक वर्ष में चार राज्यों में 10 स्टोर फ्रेंचाइजी स्थापित करने की पहल की गई है। आगामी योजना के तहत गांव, ब्लॉक, तहसील, जिला, क्षेत्रीय एवं प्रादेशिक स्तर पर किसान मार्ट स्टोर फ्रेंचाइजी का विस्तार किया जाएगा। प्रत्येक जिले में एसोसिएट संस्थान, वितरक, व्यावसायिक सहयोगी और स्थानीय स्वयंसेवकों का नेटवर्क विकसित करने की भी योजना है।
एफपीओ के व्यावसायिक विकास के लिए 12 दिवसीय प्रशिक्षण एवं 12 माह का धरातलीय क्रियान्वयन कार्यक्रम प्रस्तावित किया गया है। इसके माध्यम से एफपीओ अध्यक्षों, निदेशकों, मुख्य कार्यकारी अधिकारियों और उनकी टीमों को व्यावसायिक योजना, उत्पाद चयन, सामूहिक खरीद-बिक्री, ब्रांडिंग, बाजार संपर्क और वितरण प्रबंधन का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जाएगा।
कार्यक्रम में ऑर्गोनैक्स्ट लाइफ साइंस प्राइवेट लिमिटेड के महाप्रबंधक अखिलेश शुक्ला तथा कृषि विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक देवाशीष भी शामिल हुए। संगोष्ठी में कृषि उत्पादों, तकनीकी सहयोग, कृषि निवेश, प्रसंस्करण, बाजार संपर्क और एफपीओ के व्यावसायिक अवसरों पर विचार-विमर्श हुआ।
ओडिशा के बालासोर, केंझुआर, रायगढ़ा, गंजाम, नयागढ़, बरगढ़, केंद्रपाड़ा, सोनपुर सहित विभिन्न क्षेत्रों के एफपीओ प्रतिनिधियों ने अपने संस्थानों, उत्पादों और व्यावसायिक गतिविधियों की जानकारी साझा की। इनमें सब्जी, सहजन, कटहल, टमाटर, जूट, दलहन, धान, वर्मी कम्पोस्ट, कृषि निवेश एवं प्रसंस्करण से जुड़े संगठन शामिल रहे।
तेजस्वी किसान मार्ट की इस पहल का प्रमुख उद्देश्य प्रत्येक एफपीओ को अपना उत्पाद, अपना ब्रांड और अपना बाजार विकसित करने का अवसर देना है। इसके लिए एफपीओ, एफपीसी, स्वयं सहायता समूहों और किसान उद्यमियों को एक साझा व्यावसायिक नेटवर्क से जोड़ने पर बल दिया जा रहा है, ताकि संगठन आपसी प्रतिस्पर्धा के बजाय सहयोग से आगे बढ़ें।
कार्यक्रम का मूल संदेश रहा—“एफपीओ का उत्थान, किसानों का उत्थान; हर किसान बने व्यापारी, गांव से ग्लोबल।”









