
- महामहिम राज्यपाल को सम्बोधित 4 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन डीएम को सौंपा
- एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट लागू करने की उठाई मांग
सोनभद्र। कानपुर के कालपी तहसील बार एसोसिएशन के अध्यक्ष गयादीन अहिरवार एडवोकेट की हुई नृशंस हत्या के विरोध में मंगलवार को वकीलों ने कोर्ट एवं तहसील परिसर का जुलूस की शक्ल में चक्रमण करते हुए कलेक्ट्रेट पहुंच कर अपने 4 सूत्रीय मांगों का महामहिम राज्यपाल को सम्बोधित ज्ञापन जिलाधिकारी चर्चित गौड़ को सौंपा। जिसमें एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट लागू किए जाने की पुरजोर मांग की गई है। सोनभद्र बार एसोसिएशन सोनभद्र के अध्यक्ष अशोक प्रसाद श्रीवास्तव एड. की अध्यक्षता व महामंत्री योगेश कुमार द्विवेदी एड. के संचालन में परिसर का चक्रमण करते हुए अधिवक्तागण जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे, जहां पर एक नवंबर को कानपुर (कालपी) में अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष गयादीन अहिरवार एड० की क्रूरतापूर्वक निर्मम हत्या की घटना के संबंध में विरोध प्रदर्शन करते हुए अधिवक्ता समुदाय द्वारा उक्त घटना की घोर निन्दा की गई । अधिवक्ताओं ने कहा कि अधिवक्ताओं के साथ आये दिन हो रही इस तरह की घटनायें घोर निन्दनीय हैं तथा ऐसी घटनाओं से अधिवक्ताओं में काफी आक्रोश है। उत्तर प्रदेश पुलिस प्रशासन की निष्क्रियता से हम अधिवक्ता समाज काफी मर्माहत हैं। उक्त अधिवक्ता की हत्या के विरोध में अधिवक्ता हितार्थ महामहिम राज्यपाल महोदया से निम्नलिखित मांग का ज्ञापन जरिए जिलाधिकारी महोदय सोनभद्र को दिया गया।
जिसमें गयादीन अहिरवार एड० के हत्यारों को तत्काल गिरफ्तार कर त्वरित कठोर दण्डात्मक कानूनी कार्यवाही किए जाने, मृतक अधिवक्ता के परिजनो को मु0-50,00000 (पचास लाख रुपये) की आर्थिक सहायता दिए जाने, परिवार के एक सदस्य को तत्काल सरकारी नौकरी दिए जाने के साथ ही आये दिन हो रही अधिवक्ताओं के साथ इस तरह की घटना को देखते हुये तत्काल कठोर से कठोर कानून “एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट” लागू किए जाने की मांग शामिल हैं।
उक्त कार्यक्रम में प्रमुख रूप से अधिवक्ता गोविन्द प्रशाद मिश्र, राकेश शरण मिश्र, ओम प्रकाश त्रिपाठी, रमेश प्रसाद चौबे, आनंद मिश्र,राजीव सिंह गौतम, अखिलेश पाण्डेय, विनोद शुक्ला, प्रभात मिश्र, अरुण सिंघल, पवन मिश्रा, मनोज मिश्रा, आशुतोष दुबे,बंसी पाण्डेय, गीता गौर,अभिषेक श्रीवास्तव, अंकित सिंह, भानु चौहान, सुजीत, धीरज, राहुल जैन,राघवेंद्र नारायण, प्रभाकर श्रीवास्तव, रोशनलाल यादव, बिंदू यादव,कंचन सिन्हा आदि अधिवक्तागण शामिल रहे।









