
श्रीराम के चरणस्पर्श मात्र से हुआ अहिल्या का उद्धार
म्योरपुर /पंकज सिंह
म्योरपुर कस्बे की 1965 से लगातार निर्वाध रूप से खेली जा रही रामलीला मंचन में भक्ति, आस्था और धार्मिक परंपरा का अनूठा संगम देखने को मिल रहा है। श्री रामलीला कमेटी म्योरपुर द्वारा आयोजित रामलीला के चौथे दिन अहिल्या उद्धार,फुलवारी, मीना बाजार और नगर दर्शन की लीलाओं का मंचन किया गया। गुरु विश्वा मित्र मिथला नगरी जाने को निकलते है रास्ते मे एक पत्थल का शिला देख श्री राम विश्वा मित्र से पूछते है गुरु का आज्ञा पा श्री राम जैसे ही पत्थल को अपने चरण मात्र से स्पर्श करते है पत्थल नारी बन जाती है और अहिल्या का उद्धार होता है गुरु के साथ दोनों शुकुमार जनकपुर नगरी पहुंचते है गुरु के पूजा करने के लिए दोनों भाई अमराई बाग पहुंचते हैँ जहाँ माली फूल तोड़ने से मना क़र क़र देती है श्रीराम द्वारा माली को मना फूल तोड़ा गया इसी दौरान सीता जी भी अपने सखियों के साथ फूल तोड़ने आयी थी पहली नजर सिया को राम पसंद आ गए सखियों से उनके बारे मे सिया पूछती है सखियाँ बताती है अयोध्या से दोनों राजकुमार आये हैँ सिया को राम मन ही मन पसंद आ गये श्री राम नगर दर्शन करने को नगर मे निकलते हैँ जहाँ मिनी बाजार पहुंच दोनों भाई आभूषणो को देख खरीदारी करते हैँ
कलाकारों ने सजीव अभिनय और प्रभावशाली संवादों के माध्यम से भगवान श्रीराम के जीवन प्रसंगों को मंच पर प्रस्तुत कर दर्शकों को भावविभोर कर दिया।
मौके पर श्री रामलीला कमेटी के महा प्रबंधक सुनील कुमार सिंह,अध्यक्ष मोनू जायसवाल,श्री रामलीला मंडली अध्यक्ष शनि अग्रहरी,मीडिया प्रभारी पंकज सिंह,अंकित अग्रहरी,मनदीप रौनियर,रामू,ब्यास आशीष अग्रहरी (बिट्टू), अजय अग्रहरी (सोनू), सुजीत अग्रहरी, संदीप अग्रहरी,नमन प्रकाश अग्रहरी, रंजन अग्रहरी,नीरज अग्रहरी, अवनीश कुमार ,और सहित अन्य सदस्य मौजूद रहे।










