
म्योरपुर /पंकज सिंह
म्योरपुर मे चल रहे रामलीला मंचन के तीसरे दिन का प्रसंग पड़ाई लिखाई और तड़का वध, मारीच, सुबाहु वध का प्रसंग खेला गया गुरु वशिष्ठ श्री राम जी को लक्ष्मण जी को भारत जी को शत्रुघ्न जी को अपने आश्रम पर ले जाकर शिक्षा देते हैं शिक्षा प्राप्त कर श्री राम पुनः अयोध्या आते हैं उधर ताड़का, मारीच और सुबाहु ने जंगल में ऋषियों का जीना मुश्किल कर दिया था। जब भी कोई ऋषि यज्ञ करता, ये राक्षस आसमान से खून और मवाद बरसाकर यज्ञ को अपवित्र कर देते थे।इन राक्षसों के आतंक से परेशान होकर महर्षि विश्वामित्र अयोध्या के राजा दशरथ के पास गए और उनसे मदद मांगी। विश्वामित्र प्रभु श्रीराम और लक्ष्मण को अपने साथ वन में ऋषियों और यज्ञ की रक्षा के लिए ले आए।
जब वे उस भयानक जंगल में पहुंचे, तो महर्षि विश्वामित्र ने श्रीराम से कहा पुत्र राम यह राक्षसी ताड़का का वन है। इसने इस पवित्र भूमि को श्मशान बना दिया है। तुम अपने बाणों से इसका अंत करो और इस वन को हमेशा के लिए इसके आतंक से मुक्त करो श्रीराम ने अपने गुरु की आज्ञा को सिर झुकाकर स्वीकार किया। उन्होंने हाथ जोड़कर कहा हे मुनिवर गुरु की आज्ञा का पालन करना मेरा परम कर्तव्य है। इस दुष्ट राक्षसी से मैं इस वन और यहाँ के ऋषियों की रक्षा अवश्य करूँगा।
जैसे ही श्रीराम ने अपने धनुष की प्रत्यंचा (डोरी) खींची, उसकी भयानक टंकार से पूरा जंगल कांप उठा। इस ज़ोरदार आवाज़ को सुनकर राक्षसी ताड़का गुस्से में आगबबूला हो गई और गरजती हुई श्रीराम की तरफ दौड़ी। उसने आते ही श्रीराम और लक्ष्मण पर बड़े-बड़े पत्थरों की बारिश शुरू कर दी। चूंकि ताड़का एक महिला थी, इसलिए शुरुआत में श्रीराम उस पर सीधा प्राणघातक वार नहीं कर रहे थे।जब उसका अत्याचार और मायावी शक्तियां बहुत बढ़ गईं, तब महर्षि विश्वामित्र ने चिल्लाकर कहा राम दुष्टों पर दया मत करो। संध्या होने से पहले इसका वध करो, क्योंकि राक्षस रात में और अधिक शक्तिशाली हो जाते हैं। गुरु का आदेश मिलते ही श्रीराम ने अपने तरकश से एक अमोग (अचूक) दिव्य बाण निकाला और निशाना साधकर छोड़ दिया। वह बाण सीधे जाकर ताड़का के हृदय में लगा
विशालकाय ताड़का चीखते हुए धरती पर गिर पड़ी और उसका अंत हो गया। ताड़का के मरते ही पूरा जंगल शांत हो गया तड़का का मौत कि खबर सुनते ही ।मारीच और सुबाहु आँख बबूला हो जाते हैँ और वे भी डडंक वन मे जाते हैँ और श्री राम से युद्ध करते हैँ युद्ध मे मारीच सुबाहु का श्री राम संघार करते हैं
मौके पर श्री रामलीला कमेटी के महा प्रबंधक सुनील कुमार सिंह,अध्यक्ष मोनू जायसवाल,श्री रामलीला मंडली अध्यक्ष शनि अग्रहरी,मीडिया प्रभारी पंकज सिंह,अंकित अग्रहरी,मनदीप रौनियर,रामू,ब्यास आशीष अग्रहरी (बिट्टू), अजय अग्रहरी (सोनू), सुजीत अग्रहरी, संदीप अग्रहरी,नमन प्रकाश अग्रहरी, रंजन अग्रहरी,नीरज अग्रहरी, अवनीश कुमार ,और सहित अन्य सदस्य मौजूद रहे।










