(चोपन) मेडर माता मंदिर परिसर में आयोजित सप्तदिवसीय श्री राम कथा का पांचवा दिन रहा ।इस दौरान कथा व्यास महाराज दिलीप कृष्ण भारद्वाज ने बड़े ही भावनात्मक ढंग से सीता विदाई का प्रसंग सुनाया।उनकी अदभुत भाव सुनकर पूरा पंडाल भावूक हो पढ़ा।इसी के साथ साथ उन्होंने श्री राम केवट संवाद और भगवान श्रीराम के वन गमन की कथा का विस्तार से वर्णन किया। उन्होंने प्रभु की लीलाओं का संगीतमय प्रस्तुति के साथ सुंदर ढंग से व्याख्या की। कथावाचक दिलीप कृष्ण भारद्वाज ने अपने प्रवचन में कहा कि प्रभु कण-कण में विराजमान हैं और सच्चे मन से याद करने पर उनके दर्शन प्राप्त होते हैं। उन्होंने श्रीरामचरित मानस के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि सनातन धर्म में इसका विशेष स्थान है। भारद्वाज ने भारत भूमि पर जन्म लेने को सौभाग्य बताते हुए राष्ट्र रक्षा और राष्ट्र हित को सर्वोपरि बताया।क्षेत्र भक्तिभाव से सराबोर हो गया।कार्यक्रम आयोजक शिवकुमार पहडी बाबा
कार्यकरम संचालक सुनील सिंह
संरश्रक श्री राजा मिश्रा नागेश्वर प्रसाद गोंड़ श्यामा चरण गिरी संतोष साहनी राज कुमार टपू
अजय साहनी संदीप चौरसिया . राजेन्द्र जी राज कुमार निषाद या हजारो हजारो भक्त उपस्थित रहे











