
सोनभद्र। मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे ऑपरेशन शुद्धि के तहत दुद्धी पुलिस और एसओजी/सर्विलांस टीम को बड़ी सफलता मिली है। संयुक्त टीम ने अंतर्राज्यीय गांजा तस्करी गिरोह से जुड़े एक आरोपी को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से 53 बंडलों में रखा 55.989 किलोग्राम अवैध गांजा बरामद किया। बरामद गांजे की अनुमानित कीमत करीब 28 लाख रुपये बताई गई है। तस्करी में इस्तेमाल की जा रही वर्ना कार, मोबाइल फोन और 10 हजार रुपये की एटीएम निकासी से संबंधित पर्ची भी पुलिस ने बरामद की है। बरामद सामान और वाहन की कुल अनुमानित कीमत करीब 35 लाख रुपये है।
पुलिस के मुताबिक गिरफ्तार आरोपी की पहचान ऋषभ सिंह उर्फ रिशु सिंह पुत्र नकुल उर्फ संदीप सिंह, उम्र करीब 25 वर्ष, निवासी अलीपुर, थाना कासिमपुर, तहसील संडीला, जनपद हरदोई के रूप में हुई है। पुलिस अधीक्षक अभिषेक वर्मा के निर्देशन में चलाए जा रहे अभियान के तहत यह कार्रवाई अपर पुलिस अधीक्षक ऑपरेशन ऋषभ रुणवाल और क्षेत्राधिकारी दुद्धी विनय प्रभाकर साहनी के पर्यवेक्षण तथा प्रभारी निरीक्षक दुद्धी विश्वनाथ प्रताप सिंह के नेतृत्व में की गई।
म्योरपुर तिराहे पर चेकिंग के दौरान मिली सूचना। पुलिस टीम मंगलवार को म्योरपुर तिराहे पर संदिग्ध वाहनों की जांच कर रही थी। इसी दौरान मुखबिर से सूचना मिली कि विंढमगंज की तरफ से एक सफेद रंग की कार में गांजा लेकर तस्कर गुजर रहा है। सूचना के आधार पर पुलिस ने संदिग्ध कार को रोकने का प्रयास किया। पुलिस को देखते ही चालक ने कार की रफ्तार बढ़ा दी और रजखड़ की तरफ भागने लगा। पुलिस टीम ने पीछा करते हुए रजखड़ घाटी के पास घेराबंदी कर कार को रोक लिया और चालक को दबोच लिया।
डिग्गी में टेप से लिपटे थे 53 बंडल। पुलिस ने कार की तलाशी ली तो डिग्गी से खाकी रंग के टेप में लिपटे गांजे के 53 बंडल बरामद हुए। वजन कराने पर कुल 55.989 किलोग्राम गांजा मिला। बरामदगी की कार्रवाई क्षेत्राधिकारी दुद्धी विनय प्रभाकर साहनी और फील्ड यूनिट की मौजूदगी में की गई। आरोपी के पास से एक एंड्रॉयड मोबाइल फोन और 10 हजार रुपये की एटीएम निकासी से संबंधित पर्ची भी मिली। वाहन के आवश्यक कागजात नहीं होने पर पुलिस ने उसे एमवी एक्ट की धारा 207 के तहत सीज कर दिया।
उड़ीसा से झारखंड-छत्तीसगढ़ होते हुए लखनऊ तक नेटवर्क। पूछताछ में आरोपी ने पुलिस को बताया कि वह अपने अन्य साथियों के साथ उड़ीसा के बोध क्षेत्र से गांजा खरीदकर झारखंड और छत्तीसगढ़ के रास्ते सोनभद्र पहुंचता था। इसके बाद गांजे की खेप को लखनऊ के मटियारी और चिनहट क्षेत्र में सप्लाई किया जाता था। आरोपी के अनुसार इस बार भी वह अपने साथियों के साथ उड़ीसा के बोध क्षेत्र से 53 बंडल गांजा खरीदकर लखनऊ में सप्लाई करने के लिए ला रहा था, लेकिन दुद्धी पुलिस की कार्रवाई में पकड़ा गया। तस्करी में इस्तेमाल की गई कार उसके साथी की बताई गई है।
व्हाट्सऐप कॉल से करते थे आपस में संपर्क। पूछताछ में यह भी सामने आया कि तस्करी में शामिल लोग आपस में व्हाट्सऐप कॉल के जरिए संपर्क करते थे। पुलिस ने आरोपी के मोबाइल फोन और अन्य तकनीकी साक्ष्यों को जांच में शामिल कर लिया है। पुलिस के अनुसार उड़ीसा से सोनभद्र होते हुए लखनऊ के मटियारी और चिनहट तक संचालित इस अंतर्राज्यीय गांजा तस्करी नेटवर्क की गहनता से जांच की जा रही है। नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका चिन्हित कर उनके खिलाफ भी आवश्यक वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।
आरोपी पर पहले से दर्ज हैं 11 मुकदमे। पुलिस के अनुसार गिरफ्तार ऋषभ सिंह उर्फ रिशु सिंह का आपराधिक इतिहास भी सामने आया है। उसके खिलाफ बाराबंकी और लखनऊ के अलग-अलग थानों में चोरी, लूट, बरामदगी, आर्म्स एक्ट, एससी/एसटी एक्ट समेत कई गंभीर धाराओं में मुकदमे दर्ज हैं। इनमें थाना कोतवाली बाराबंकी का वर्ष 2022 का मुकदमा संख्या 1267/2022, थाना आलमबाग का 57/2017, थाना पारा का 314/2017, थाना ठाकुरगंज का 516/2017 और 671/2022, थाना पीजीआई के 204/2022, 222/2022 और 223/2022, थाना बाबू बनारसी दास का 81/2022, थाना तालकटोरा के 253/2025 और 13/2026 शामिल हैं। इसके अलावा वर्तमान मामले में थाना दुद्धी में मु0अ0सं0 246/2026 के तहत एनडीपीएस एक्ट की धारा 8/20/27ए/29/60 में मुकदमा दर्ज किया गया है।
कुल बरामदगी करीब 35 लाख रुपये। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से 55.989 किलोग्राम गांजा, जिसकी अनुमानित कीमत करीब 28 लाख रुपये है, के अलावा करीब सात लाख रुपये कीमत की वर्ना कार संख्या UP42CE6539, एक एंड्रॉयड मोबाइल फोन और 10 हजार रुपये की एटीएम निकासी से संबंधित पर्ची बरामद की है। पुलिस के मुताबिक सभी बरामदगी की अनुमानित कीमत करीब 35 लाख रुपये है।
इन पुलिसकर्मियों की रही अहम भूमिका। कार्रवाई करने वाली टीम में प्रभारी निरीक्षक विश्वनाथ प्रताप सिंह, निरीक्षक नागेश सिंह प्रभारी एसओजी/सर्विलांस मय टीम, उपनिरीक्षक संजय सिंह, उपनिरीक्षक हरिकेश राम आजाद, हेड कांस्टेबल लक्ष्मण शंकर यादव, कांस्टेबल राहुल कुमार बिन्द, कांस्टेबल गणेश मिश्रा, कांस्टेबल अरविन्द कुमार यादव चालक और कांस्टेबल सुनील सरोज शामिल रहे। पुलिस अब बरामद मोबाइल और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर तस्करी नेटवर्क से जुड़े अन्य आरोपियों की तलाश में जुटी है।









