
सोनभद्र। जनपद सोनभद्र में स्वतंत्रता दिवस के पावन अवसर पर डिस्ट्रिक्ट बार एसोसिएशन, सोनभद्र के प्रांगण में स्वतंत्रता दिवस समारोह हर्षोल्लास, उत्साह एवं गरिमापूर्ण वातावरण में आयोजित किया गया। समारोह में जनपद एवं सत्र न्यायाधीश सोनभद्र श्री राम सुलिन सिंह, प्रधान न्यायाधीश परिवार न्यायालय श्रीमती अर्चना अरोड़ा, न्यायाधीश दुर्घटना दावा अधिकरण श्री राम किशोर पांडेय, अपर जनपद एवं सत्र न्यायाधीशगण सहित समस्त न्यायिक अधिकारी, अधिवक्तागण, न्यायिक एवं प्रशासनिक अधिकारी, वादकारी तथा आमजन उपस्थित रहे।
समारोह के अवसर पर भारत रत्न बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा पर न्यायिक अधिकारियों, अधिवक्ताओं एवं उपस्थित जनसमुदाय द्वारा माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धापूर्वक नमन किया गया। इस अवसर पर संविधान निर्माण में बाबा साहब के अतुलनीय योगदान तथा सामाजिक न्याय, समानता और लोकतांत्रिक मूल्यों की स्थापना के लिए उनके संघर्ष एवं विचारों को स्मरण किया गया।
इसके उपरांत राष्ट्रध्वज को सम्मानपूर्वक नमन किया गया तथा देश की स्वतंत्रता के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर करने वाले अमर स्वतंत्रता सेनानियों एवं वीर शहीदों को श्रद्धापूर्वक स्मरण किया गया। उपस्थित जनसमुदाय ने राष्ट्र की एकता एवं अखंडता को अक्षुण्ण बनाए रखने, लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा करने तथा देश की प्रगति में अपना सक्रिय योगदान देने का संकल्प लिया।
समारोह में विभिन्न सांस्कृतिक एवं देशभक्तिपूर्ण कार्यक्रमों का भी आयोजन किया गया। देशभक्ति से ओत-प्रोत प्रस्तुतियों ने पूरे वातावरण को राष्ट्रप्रेम, उत्साह और राष्ट्रीय गौरव की भावना से भर दिया। न्यायिक अधिकारियों, अधिवक्ताओं एवं आमजन ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियों का उत्साहपूर्वक आनंद लिया।
समारोह की अध्यक्षता डिस्ट्रिक्ट बार एसोसिएशन, सोनभद्र के अध्यक्ष श्री अरुण कुमार सिंह एडवोकेट ने की तथा कार्यक्रम का सफल एवं गरिमापूर्ण संचालन डिस्ट्रिक्ट बार एसोसिएशन के महामंत्री श्री राजेंद्र कुमार यादव एडवोकेट द्वारा किया गया।
इस अवसर पर जगजीवन सिंह, श्याम बिहारी यादव, पवन कुमार सिंह, राजेश यादव, चतुर्भुज शर्मा,संतोष यादव, सुरेश सिंह कुशवाहा, पंकज यादव, द्वारकानाथ नागर, विनीत श्रीवास्तव, प्रेमप्रताप विश्वकर्मा, टीटू प्रसाद गुप्ता, अभिषेक सिंह मौर्य, सुमन, चंद्रकला गिरी, समृद्धि कुशवाहा, सुदेश कुमार, आदर्श देव पांडेय आदि अधिवक्ताओं एवं जनसमुदाय ने स्वतंत्रता के अमूल्य आदर्शों को आत्मसात करते हुए राष्ट्र की सेवा, संविधान की मर्यादा एवं विधि के शासन के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।










