रविशंकर पांडेय
सोनभद्रके बभनी थाना क्षेत्र के ग्राम पंचायत कोंगा में एक 40 वर्षीय महिला को मृत मानकर श्मशान घाट ले जाया गया, लेकिन अंतिम संस्कार से ठीक पहले उसके शरीर में हलचल जैसा महसूस होने पर परिजन उसे वापस घर ले आए। लेकिन शरीर में कोई भी हलचल ना देख दूसरे दिन परिजनो ने भोर मे ही उसका अंतिम संस्कार कर दिया।यह घटना गुरूवार की दोपहर का बताया जा रहा है
जानकारी के अनुसार बभनी थाना क्षेत्र के कोंगा के पूर्व ग्राम प्रधान कृष्णानंद की पत्नी दुर्गावती पिछले कुछ दिनों से बीमार थीं। डॉक्टरों ने उन्हें पीलिया और लीवर में सूजन बताई थी। परिजनों के अनुसार, इलाज के दौरान बुधवार रात करीब 11. 30 बजे उनकी मृत्यु हो गई थी।
गुरूवार की दोपहर दुर्गावती का शव यात्रा निकालकर पागन नदी के किनारे स्थित श्मशान घाट ले जाया गया। चिता सजाने के बाद जब शव को उस पर रखा जा रहा था, तभी कुछ ग्रामीणों ने शरीर में हलचल और गर्माहट महसूस की। कई अन्य ग्रामीणों ने भी इस बात की पुष्टि की।
इसके बाद तुरंत एंबुलेंस को बुलाया गया, लेकिन काफी समय तक एंबुलेंस नहीं पहुंची। तो परिजन 40 वर्षीय दुर्गावती को ट्रैक्टर-ट्रॉली में लादकर अपने घर वापस ले आए।
परिजनो ने इसके बाद दो प्राइवेट डॉक्टरों और एक सरकारी डॉक्टर को दिखाया गया। लेकिन कोई कुछ नहीं बताया।इसके बाद शरीर मे कोई हरकत नहीं होने पर शुक्रवार को चार बजे दाह संस्कार कर दिया गया।
दुर्गावती के पति कृष्णानंद ने बताया कि दुर्गावती का एक सप्ताह से तबीयत खराब चल रही थी। पहले प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र सागों बांध में इलाज हुआ आराम नहीं मिला।तो डाक्टर लवकुश दुद्धी में दिखाया गया। जांच और दवा बाद आराम नहीं होने पर डाक्टर ने दवा बदली गई लेकिन फिर भी आराम नहीं हुआ। दुर्गावती की बहन ने उन्हें सागर मध्यप्रदेश आकर इलाज कराने की राय दी । दुर्गावती को लेकर सागर जा रहे थे कि व्यवहारी मध्यप्रदेश प्रदेश स्टेशन पर बुधवार रात में 11.48 बजे मौत हो गई।इनको लेकर घर आये । गुरुवार को दोपहर तीन बजे अन्तिम संस्कार करने पाइन नदी के किनारे घाट पर गये। गांव के कृष्णानंद यादव और रामानन्द ने कहा कि इसकी नाड़ी चल रही है।यह जिन्दा काहे दाह संस्कार कर रहे हैं।इसके बाद गुरुवार को श्मसान घाट से उसको घर लाया गया।इस के बाद दो प्राइवेट डॉक्टरों और एक सरकारी डॉक्टर को दिखाया गया। लेकिन कोई कुछ नहीं बताया।इसके बाद शरीर मे कोई हरकत नहीं होने पर शुक्रवार को चार बजे दाह संस्कार कर दिया गया।मृतका के पति ने बताया कि उसको पीलिया, प्लेटलेट्स की कमी, खून का पानी हो जाना और पित्त की थैली में सूजन की समस्या थी।
बभनी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बभनी के प्रभारी अधीक्षक डॉ राजन सिंह ने बताया कि इस मरीज के हम देखें नहीं है उसकी क्या स्थिति थी नहीं बता सकते हैं। लेकिन मरने के बाद कोई जिन्दा नहीं हो सकता।










