उपेंद्र तिवारी

- दावा है कि अधीक्षक अपने सरकारी आवास पर लंबे समय से देख रहे हैं मरीज
दुद्धी । सरकारी चिकित्सक निजी प्रैक्टिस कर मरीजों का शोषण ना करें इसलिए सरकार ने डॉक्टरों को एन पी ए नॉन प्रैक्टिस अलाउंस दे रही है। जिसमें वेतन के अनुपात में 25 परसेंट अतिरिक्त दिया जा रहा है। ताकि वह प्राइवेट प्रैक्टिस ना करें। इसके बावजूद भी जनपद सोनभद्र का एक ऐसा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र दुद्धी जिसके सीएचसी अधीक्षक शाह आलम अपने सरकारी आवास पर प्राइवेट प्रैक्टिस करने में कोई कसर नहीं छोड़ रहे है वह अस्पताल में नाम मात्र मरीजों को देख कर ज्यादा ध्यान अपने सरकारी आवास पर शुल्क लेकर मरीज देखते हैं जिसका 14 सेकेंड 09 मिनट का वीडियो अब सोशल मीडिया सहित अन्य प्लेटफार्मों पर तेजी से वायरल हो रहा है और सिस्टम से सवाल कर रहा है कि इतने लंबे समय से ये अधीक्षक अपने सरकारी आवास पर मरीजों का उपचार करते आ रहे है इनपर अब तक कोई कार्यवाही क्यों नहीं गई ।
इतना ही नहीं वायरल वीडियो साफ तौर पर सुना जा सकता है कि मरीजों को उन्हें बाहर की दवाएं लिखी जाती हैं। चिन्हित डाइग्नोस्टिक सेंटर में जांच हेतु भेजा जाता है जिससे अधीक्षक साहब का मोटा कमीशन बन सके । यहां पर तैनात सीएचसी अधीक्षक शाह आलम ने सारे नियम कानून को ताक पर रखकर अपने आवास के बरामदे को बाकायदा क्लीनिक का रूप दे दिया है। वीडियो में कमरे में मरीजों की भीड़ साफ तौर पर देखी जा सकती है आरोप है कि डॉक्टर साहब अस्पताल में मरीजों को बहुत कम ही देखते हैं अस्पताल से ज्यादा तो इनके सरकारी आवास पर भीड़ देखी जा सकती है । जहां सुबह से शाम तक लेकर मरीजों की भीड़ लगी रहती है यहां पर मरीजों से थोड़ा फीस लेकर फिर सारी दवाएं बाहर की लिखी जाती है। उसके लिए आसपास के कुछ मेडिकल स्टोर भी निर्धारित कर दिए गए हैं। यह दवाएं सिर्फ उसी मेडिकल स्टोर पर मिलेंगी। जांच के नाम पर तो जमकर लूट की जाती है। इसके लिए भी पैथोलॉजी सेट है। कमीशन बाजी के चक्कर में यहां पर मरीजों के स्वास्थ्य के साथ भी खिलवाड़ किया जाता है।










