रॉबर्ट्सगंज, सोनभद्र।
संयुक्त अधिवक्ता महासंघ, उत्तर प्रदेश के प्रदेश अध्यक्ष श्री राकेश शरण मिश्र ने भारत के माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी को एक खुला पत्र प्रेषित कर देश में NEET परीक्षा की पारदर्शिता, छात्रों के भविष्य तथा आरक्षण व्यवस्था की व्यापक समीक्षा की आवश्यकता पर गंभीर चिंता व्यक्त की है।

श्री मिश्र ने अपने पत्र में कहा है कि दिल्ली के जंतर-मंतर पर NEET परीक्षा को लेकर चल रहे आंदोलन ने देशभर के विद्यार्थियों और अभिभावकों की चिंताओं को सामने लाया है। उन्होंने कहा कि छात्रों के भविष्य जैसे अत्यंत संवेदनशील विषय को राजनीतिक लाभ-हानि का माध्यम नहीं बनाया जाना चाहिए। लोकतंत्र में शांतिपूर्ण विरोध का अधिकार सभी को है, किंतु छात्रों की समस्याओं का समाधान राजनीतिक टकराव के बजाय निष्पक्ष, पारदर्शी और न्यायपूर्ण व्यवस्था से होना चाहिए।
उन्होंने प्रधानमंत्री से आग्रह किया कि यदि NEET परीक्षा में किसी प्रकार की अनियमितता, पेपर लीक अथवा अन्य त्रुटियाँ हुई हैं तो उनकी समयबद्ध एवं निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाए, साथ ही मेहनती एवं ईमानदार विद्यार्थियों के भविष्य की भी पूर्ण सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।
अपने पत्र में श्री मिश्र ने यह भी कहा कि अब समय आ गया है कि देश में आरक्षण व्यवस्था की व्यापक एवं निष्पक्ष समीक्षा पर राष्ट्रीय स्तर पर विचार किया जाए। उनका मत है कि आर्थिक रूप से कमजोर प्रत्येक नागरिक को शिक्षा, स्वास्थ्य, छात्रवृत्ति, आवास एवं अन्य आवश्यक सुविधाओं का पूरा लाभ मिलना चाहिए, किंतु उच्च शिक्षा एवं सरकारी सेवाओं में चयन की प्रक्रिया में योग्यता, क्षमता, प्रतिभा और परिश्रम को सर्वोच्च महत्व दिया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि भारत के उज्ज्वल भविष्य के लिए यह आवश्यक है कि प्रत्येक युवा को यह विश्वास हो कि उसकी सफलता का आधार उसकी मेहनत और योग्यता होगी तथा परीक्षा प्रणाली पूर्णतः पारदर्शी, विश्वसनीय एवं तकनीकी रूप से सुरक्षित होगी।
श्री मिश्र ने प्रधानमंत्री से शिक्षा एवं रोजगार से संबंधित नीतियों पर व्यापक राष्ट्रीय संवाद प्रारंभ करने तथा ऐसी व्यवस्था विकसित करने का आग्रह किया है जिससे प्रत्येक विद्यार्थी का विश्वास सुदृढ़ हो और राष्ट्र निर्माण में प्रतिभा को सर्वोच्च स्थान प्राप्त हो।









