भूजल सप्ताह में जल संरक्षण का सामूहिक संकल्प
म्योरपुर / पंकज सिंह
विकासखंड म्योरपुर के ग्राम पंचायत फरीपान स्थित ग्राम निर्माण केंद्र परिसर में बुधवार को नाबार्ड, बनवासी सेवा आश्रम एवं वन विभाग के संयुक्त तत्वावधान में भूजल सप्ताह के अंतर्गत जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में जल संरक्षण, भूजल संवर्धन और प्राकृतिक संसाधनों के संतुलित उपयोग पर विशेषज्ञों ने ग्रामीणों को जागरूक किया।
मुख्य वक्ता डीडी एम आनंद कुमार पांडेय ने कहा कि “पानी को बहने न दें, क्योंकि पानी दूर जाएगा तो हम भी पानी के संकट से जूझेंगे।” उन्होंने लोगों से घरों में टोंटी खुली न छोड़ने, खेत का पानी खेत में रोकने तथा प्रकृति की सेवा को जीवन का आधार बनाने का आह्वान किया।
सांगोबांध जल छाजन समिति के प्रतिनिधि रमेश यादव और मुलायम सिंह यादव ने बताया कि नाबार्ड के सहयोग से समिति क्षेत्र के करीब 1100 हेक्टेयर में वर्षा जल को रोकने और भूजल रिचार्ज बढ़ाने का कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि सामुदायिक भागीदारी से जल संकट का प्रभावी समाधान संभव है। जल चक्र की वैज्ञानिक प्रक्रिया समझाते हुए कहा कि वाष्पीकरण, वर्षा और भूजल पुनर्भरण एक-दूसरे से जुड़े हैं। पेड़-पौधे वर्षा जल को रोकने, मिट्टी में समाने और भूजल स्तर बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इसलिए अधिक से अधिक पौधरोपण और जल संरक्षण समय की आवश्यकता है। रेंजर जबर सिंह ने कहा कि प्राकृतिक संसाधनों का अंधाधुंध जंगलों के दोहन भविष्य के लिए खतरा है। उन्होंने लोगों से केवल आवश्यकता के अनुसार ही पानी का उपयोग करने की अपील की। सुभाष शाही और जगत नारायण विश्वकर्मा ने जंगल सरंक्षण का आह्वान करते हुए कहा कि यदि मानव अपने दैनिक क्रियाकलापों में बदलाव नहीं लाएगा तो जल संकट और गहराता जाएगा। उन्होंने जल बचत को जन आंदोलन बनाने पर बल दिया।
कार्यक्रम का संचालन रमेश यादव ने किया। अंत में उपस्थित ग्रामीणों ने जल संरक्षण, वर्षा जल संचयन और भूजल संवर्धन के लिए सामूहिक रूप से संकल्प लिया। मौके पर विद्या पाण्डेय,सर्वेश यादव, प्रेम कुमारी,बेचन, कैलाश, उदय कुमार, दीवानारायन, सहित सैकड़ों लोग उपस्थित रहे ।











